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comp_freak
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15/04/2010 07:03:18
विदेशी पूंजी निवेश के बिना, न तो देश का विकास सम्भव है और न ही देश में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे!……एक प्रायोजित झूठ।
हमारा विश्वासः संसाधनों का 100% उचित उपयोग होने से होगा राष्ट्र का विकास और नहीं रहेगा कोई बेरोजगार। यह भी देश के लूटने का एक प्रायोजित झूठ एवं षड्यन्त्र है कि विदेशी पूंजी निवेश के बिना देश का विकास नहीं होगा। जबकि हकीकत ये है कि यदि देश की पूंजी, भ्रष्टाचार में बर्बाद नहीं हो तो देश का एक भी व्यक्ति बेरोजगार नहीं रहेगा एवं यदि बेईमान लोगों के पास पूंजी जमा न हो करके जब पूंजी देश के ढांचागत विकास एवं व्यवसाय में लगेगी तो देश में इतनी समृद्धि आयेगी के हम दूसरे देशों के ब्याज पर पैसा देने की स्थिति में होंगे। और भारत विश्व की सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति के रूप में सम्मान के साथ खड़ा हो जायेगा। अभी भी हकीकत ये है के देश के कुछ भ्रष्ट लोगों का लगभग 258 लाख करोड़ रूपया, ये जो भ्रष्टाचार करके लूटा हुआ देश का बेनामी धन, विदेशी बैंकों में जमा है। और भ्रष्टाचारì 7;यों द्वारा यह लूट-खसोट निरन्तर जारी है। हकीकत ये नहीं है कि विदेशी पूंजी निवेश(FDI) के बिना यह देश नहीं चलेगा, अपितु हकीकत ये है जिस दिन हम अपने देश की लूटी हुई पूंजी/लूटा हुआ धन, विदेशी बैंकों से वापिस मंगवा लेंगे, उस दिन दुनिया नहीं चलेगी। दुनिया का व्यापार भ्रष्ट, बेईमानों द्वारा लूटे गए हमारे पैसें से ही चल रहा है। कम से कम स्वीट्जरलैé 9;्ड जैसे ताकतवर देशों की अर्थव्यवस्ê 1;ा का आधार तो हमारे देश का भ्रष्टाचार है।



SCRAPBOOK

03/10/2008 12:13:04



SCRAPBOOK

02/10/2008 12:19:17

hiiiiiiiiiiiiiiiiii  how  r  u




SCRAPBOOK

02/08/2008 15:23:11



SCRAPBOOK

02/08/2008 15:15:32

<br/><img src="http://i156.photobucket.com/albums/t14/mr12ka4/bestfriends/bestFriends64.gif"border="0"/></a><div><br /><br /><br />
            &nb sp;    




SCRAPBOOK

11/07/2008 11:23:41

 target="_blank"] [/link]


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SCRAPBOOK

13/06/2008 19:50:51
lmao...lol....rotfl



SCRAPBOOK

13/06/2008 13:03:01

 i might leave nkut  coz i  m leaving my hostel  after 30 of this monnth




SCRAPBOOK

13/06/2008 08:57:01
"Kashti bhi nahi badli darya bhi nahi badla,or dubne walon ka jazba bhi nahi badla,hai shok e safer asa ik umer guzar gayi,manzil bhi nahi payi or rasta bhi nahi badla"



SCRAPBOOK

12/06/2008 06:22:53
Good morning frnd.where r u thes days.How r u."Zindagi k hain do jahan ak yah jahan ak woo jahan in dono k darmiyan fasla ikk sansce ka hai.jo chal rahi hai to is jahan jo ruk gayi to us jahan..."



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