विदेशी पूंजी निवेश के बिना, न तो देश का विकास सम्भव है और न ही देश में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे!……एक प्रायोजित झूठ। हमारा विश्वासः संसाधनों का 100% उचित उपयोग होने से होगा राष्ट्र का विकास और नहीं रहेगा कोई बेरोजगार। यह भी देश के लूटने का एक प्रायोजित झूठ एवं षड्यन्त्र है कि विदेशी पूंजी निवेश के बिना देश का विकास नहीं होगा। जबकि हकीकत ये है कि यदि देश की पूंजी, भ्रष्टाचार में बर्बाद नहीं हो तो देश का एक भी व्यक्ति बेरोजगार नहीं रहेगा एवं यदि बेईमान लोगों के पास पूंजी जमा न हो करके जब पूंजी देश के ढांचागत विकास एवं व्यवसाय में लगेगी तो देश में इतनी समृद्धि आयेगी के हम दूसरे देशों के ब्याज पर पैसा देने की स्थिति में होंगे। और भारत विश्व की सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति के रूप में सम्मान के साथ खड़ा हो जायेगा। अभी भी हकीकत ये है के देश के कुछ भ्रष्ट लोगों का लगभग 258 लाख करोड़ रूपया, ये जो भ्रष्टाचार करके लूटा हुआ देश का बेनामी धन, विदेशी बैंकों में जमा है। और भ्रष्टाचारì 7;यों द्वारा यह लूट-खसोट निरन्तर जारी है। हकीकत ये नहीं है कि विदेशी पूंजी निवेश(FDI) के बिना यह देश नहीं चलेगा, अपितु हकीकत ये है जिस दिन हम अपने देश की लूटी हुई पूंजी/लूटा हुआ धन, विदेशी बैंकों से वापिस मंगवा लेंगे, उस दिन दुनिया नहीं चलेगी। दुनिया का व्यापार भ्रष्ट, बेईमानों द्वारा लूटे गए हमारे पैसें से ही चल रहा है। कम से कम स्वीट्जरलैé 9;्ड जैसे ताकतवर देशों की अर्थव्यवस्ê 1;ा का आधार तो हमारे देश का भ्रष्टाचार है।