किसी रंजिश को हवा दो कि मैं ज़िंदा हूठअà¤à¥€
किसी रंजिश को हवा दो कि मैं ज़िंदा हूठअà¤à¥€
मà¥à¤à¤•ो अहसास दिला दो कि मैं ज़िंदा हूठअà¤à¥€à¥¤
मेरे रà¥à¤•ने से मेरी साà¤à¤¸à¥‡à¤‚ à¤à¥€ रà¥à¤• जाà¤à¤à¤—ी
फ़ासले और बढ़ा दो कि मैं ज़िंदा हूठअà¤à¥€à¥¤
ज़हर पीने की तो आदत थी ज़मानेवालों
अब कोई और दवा दो कि मैं ज़िंदा हूठअà¤à¥€à¥¤
चलती राहों में यूठही आà¤à¤– लगी है ‘फ़ाकिर’
à¤à¥€à¤¡à¤¼ लोगों की हटा दो कि मैं ज़िंदा हूठअà¤à¥€à¥¤