मैं न जानू की कौन हूठमैं,
लोग कहते है सबसे जà¥à¤¦à¤¾ हूठमैं,
मैने तो पà¥à¤¯à¤¾à¤° सबसे किया,
पर न जाने कितनो ने धोखा दिया।
चलते चलते कितने ही अचà¥à¤›à¥‡ मिले,
जिनने बहà¥à¤¤ पà¥à¤¯à¤¾à¤° दिया,
पर कà¥à¤› लोग समठना सके,
फिर à¤à¥€ मैने सबसे पà¥à¤¯à¤¾à¤° किया।
दोसà¥à¤¤à¥‹ के खà¥à¤¶à¥€ से ही खà¥à¤¶à¥€ है,
तेरे गम से हम दà¥à¤–ी है,
तà¥à¤® हंसो तो खà¥à¤¶ हो जाऊंगा,
तेरे आà¤à¤–ो मे आà¤à¤¸à¥ हो तो मनाऊंगा।
मेरे सपने बहà¥à¤¤ बढे़ है,
पर अकेले है हम, अकेले है,
फिर à¤à¥€ चलता रहऊंगा,
मजिंल को पाकर रहऊंगा।
ये दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ बदल जाये पर कितनी à¤à¥€,
पर मै न बदलऊंगा,
जो बदल गये वो दोसà¥à¤¤ थे मेरे,
पर कोई ना पास है मेरे।
पà¥à¤¯à¤¾à¤° होता तो कà¥à¤¯à¤¾ बात होती,
कोई तो होगी कहीं न कहीं,
शायद तà¥à¤® से अचà¥à¤›à¥€ या,
कोई नहीं नही इस दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ मे तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ जैसी।
आसमान को देखा है मैने, मà¥à¤à¥‡ जाना वहाठहै,
जमीन पर चलना नही, मà¥à¤à¥‡ जाना वहाठहै,
पता है गिरकर टà¥à¤Ÿ जाऊंगा, फिर उठने का विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ है