Welcome Guest Login or Signup

aditya_rocks
PROFILE   GALLERY   BLOGS   SCRAPBOOK   FRIENDS   FAVORITES   LYRICS   SMS   QUOTES   JOKES   POLLS   VIDEOS  
 
leave the life fully and rest leave on the god

mem_normal OFFLINE
adityasingh
Male
35 years old
varanasi
India

Profile Views: 28
[ 4 ] Referrals: 0





JOB: Millionare
SMOKE: Quit
DRINK: Sometimes
RELIGION: Hindu
ORIENTATION: Straight
DATING STATUS: Open to suggestions
BODY TYPE: Athletic
LANGUAGE: Hindi
EDUCATION: High School
PETS: I Love My Pet (s)
LIVING: Party Every Night
MEMBER SINCE: 27/10/2007
STAR SIGN: Capricorn
LAST LOGIN: 27/11/2007 08:51:34
MY RATING: 0.00
Full Name: adityasingh

No gifts received yet.

to play cricket
to do my best in all my field

dont be partial with anyone

depend on mood

what is this







Only my friends can see my activity feed.

girls

flattering

क्या लिखूँइस अजनबी सी दुनिया में, अकेला इक ख्वाब हूँ. सवालों से खफ़ा, चोट सा जवाब हूँ. जो ना समझ सके, उनके लिये “कौन”. जो समझ चुके, उनके लिये किताब हूँ. दुनिया कि नज़रों में, जाने क्युं चुभा सा. सबसे नशीला और बदनाम शराब हूँ. सर उठा के देखो, वो देख रहा है तुमको. जिसको न देखा उसने, वो चमकता आफ़ताब हूँ. आँखों से देखोगे, तो खुश मुझे पाओगे. दिल से पूछोगे, तो दर्द का सैलाब हूँ ۩♥۩۞۩♥۩۞۩♥۩۞۩♥۩Û� �Û©â™¥Û©ÛžÛ©â™¥Û©ÛžÛ©â™¥Û©ÛžÛ©â™¥Û©Û žÛ©â™¥Û©ÛžÛ©

कुछ जीत लिखू या हार लिखूँ

या दिल का सारा प्यार लिखूँ ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰à� �°à¥°à¥°à¥°à¥°à¥°à¥°à¥°à¥°à¥°à¥°à¥°à¥° ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰à� �°à¥°à¥°à¥°à¥°à¥°

कुछ अपनो के ज़ाज़बात लिखू या सापनो की सौगात लिखूँ ॰॰॰॰॰॰

मै खिलता सुरज आज लिखू या चेहरा चाँद गुलाब लिखूँ ॰॰॰॰॰॰

वो डूबते सुरज को देखूँ या उगते फूल की सान्स लिखूँ

वो पल मे बीते साल लिखू या सादियो लम्बी रात लिखूँ

मै तुमको अपने पास लिखू या दूरी का ऐहसास लिखूँ

मै अन्धे के दिन मै झाँकू या आँन्खो की मै रात लिखूँ

मीरा की पायल को सुन लुँ या गौतम की मुस्कान लिखूँ

बचपन मे बच्चौ से खेलूँ या जीवन की ढलती शाम लिखूँ

सागर सा गहरा हो जाॐ या अम्बर का विस्तार लिखूँ

वो पहली -पाहली प्यास लिखूँ या निश्छल पहला प्यार लिखूँ

सावन कि बारिश मेँ भीगूँ या आन्खो की मै बरसात लिखूँ

गीता का अॅजुन हो जाॐ या लकां रावन राम लिखूँ॰॰॰॰॰

मै हिन्दू मुस्लिम हो जाॐ या बेबस ईन्सान लिखूँ॰॰॰॰॰

मै ऎक ही मजहब को जी लुँ ॰॰॰या मजहब की आन्खे चार लिखूँ॰॰॰


कुछ जीत लिखू या हार लिखूँ

या दिल का सारा प्यार लिखूँ

No friends added


Displaying 1 out of 1 comments