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Frendzzzz....................
Posted On: 22/02/2008 05:24:36
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हर सागर के दो किनारे होते है, कà¥à¤› लोग जान से à¤à¥€ पà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‡ होते है, ये ज़रूरी नहीं हर कोई पास हो, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚की जिंदगी में यादों के à¤à¥€ सहारे होते है !
दिलको हमसे चà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¾ आपने , दूर होकर à¤à¥€ अपना बनाया आपने, कà¤à¥€ à¤à¥‚ल नहीं पायेंगे हम आपको, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि याद रखना à¤à¥€ तो सिखाया आपने.
याद करते है तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡ तनहाई में, दिल डूबा है गमो की गहराई में, हमें मत धà¥à¤¨à¥à¤¡à¤¼à¤¨à¤¾ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की à¤à¥€à¤¡à¤¼ में, हम मिलेंगे में तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ परछाई में.
मौत के बाद याद आ रहा है कोई, मिटà¥à¤ ी मेरी कबर से उठा रहा है कोई, या खà¥à¤¦à¤¾ दो पल की मोहलà¥à¤²à¤¤ और दे दे, उदास मेरी कबर से जा रहा है कोई.
दरà¥à¤¦ को दरà¥à¤¦ से न देखो, दरà¥à¤¦ को à¤à¥€ दरà¥à¤¦ होता है, दरà¥à¤¦ को ज़रूरत है दोसà¥à¤¤ की, आखिर दोसà¥à¤¤ ही दरà¥à¤¦ में हमदरà¥à¤¦ होता है
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