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मà¥à¤à¥‡ मेरा घर याद आता ह
Posted On: 19/01/2008 10:22:36
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मà¥à¤à¥‡ मेरा घर याद आता है जब à¤à¥€ कही रà¥à¤•ता है शाम का
सूरज मà¥à¤à¥‡ वो पल याद आता है ......
बादलो का आना वो पूरे आसमा मे बिखर जाना याद आता है .........
शाम को अकसर जब à¤à¥€ मंदिरों मे बजती थी घंटी तो दिठकी बाती का टिमटिमाना
याद आता है वो चाà¤à¤¦ के आने का इंतज़ार करना ओर रात को वो छत पर तारो को
गिनना याद आता है वो ठंड की सà¥à¤¬à¤¹ वो शामों को फेला धà¥à¤† याद आता है कà¥à¤¯à¤¾
कहू मà¥à¤à¥‡ मेरे घर का हर कोना याद आता है वो ममता का आचल वो सà¥à¤¬à¤¹ वो शामों
को हर बिता पल याद आता है
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